छात्रों के लिए अपना नया आइडिया पेश करके पहचान बनाने और ₹10 लाख तक का पुरस्कार जीतने का अवसर है। Seva First Innovation Challenge 2026 के तहत स्कूल, ITI, पॉलिटेक्निक, कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं का समाधान करने वाले नए विचार प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रतियोगिता का उद्देश्य ऐसे आइडिया को प्रोत्साहित करना है, जिन्हें वास्तविक जीवन में लागू करके लोगों की मदद की जा सके।
इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को अपने आइडिया की उपयोगिता, लागत और उससे होने वाले फायदे को समझाना होगा। चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार के साथ विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, लैब और प्रोटोटाइप तैयार करने की सुविधाएं तथा अपने समाधान को आगे बढ़ाने के अवसर भी मिल सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया संस्थान के माध्यम से पूरी की जाएगी।
यह प्रतियोगिता शिक्षा मंत्रालय, AICTE और UGC की संयुक्त पहल है तथा IISc बेंगलुरु नोडल संस्थान के रूप में काम कर रहा है। मौजूदा संस्करण में दक्षिण क्षेत्र के पांच राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। आवेदन करने से पहले विद्यार्थी अपने क्षेत्र और संस्थान की पात्रता जरूर जांच लें।
Seva First Innovation Challenge 2026: मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रतियोगिता का नाम | Seva First Innovation Challenge 2026 |
| उद्देश्य | नए और उपयोगी इनोवेशन को प्रोत्साहित करना |
| कौन भाग ले सकता है | स्कूल, ITI, पॉलिटेक्निक, कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन, संस्थान के समन्वयक के जरिए |
| आवेदन शुरू होने की तारीख | 25 सितंबर 2026 |
| आवेदन की अंतिम तारीख | 24 अक्टूबर 2026 |
| नोडल संस्थान | IISc बेंगलुरु |
| आधिकारिक वेबसाइट | यहाँ क्लिक करें |
छात्रों को कितना पुरस्कार मिलेगा?
Seva First Innovation Challenge 2026 में प्रत्येक थीम के अंतर्गत प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार पुरस्कार राशि इस प्रकार है।
| स्थान | पुरस्कार राशि |
|---|---|
| प्रथम पुरस्कार | ₹10,00,000 |
| द्वितीय पुरस्कार | ₹5,00,000 |
| तृतीय पुरस्कार | ₹3,00,000 |
ये पुरस्कार स्कूल, ITI/पॉलिटेक्निक और विश्वविद्यालय/कॉलेज की श्रेणियों के लिए निर्धारित प्रतियोगिता व्यवस्था के अंतर्गत लागू होते हैं। विजेताओं का चयन प्रस्तुत किए गए आइडिया के मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा। इसलिए केवल आवेदन करने से पुरस्कार मिलने की गारंटी नहीं है।
पुरस्कार के अलावा क्या-क्या सुविधाएं मिल सकती हैं?
इस प्रतियोगिता का लाभ केवल पुरस्कार राशि तक सीमित नहीं है। चयनित और शॉर्टलिस्ट किए गए प्रतिभागियों को अपने आइडिया को विकसित करने में सहायता मिल सकती है।
विशेषज्ञों और उद्योग से जुड़े लोगों से मार्गदर्शन दिया जा सकता है। प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए लैब, फैब्रिकेशन और टेस्टिंग सुविधाओं तक पहुंच मिल सकती है। कुछ चयनित आइडिया को इन्क्यूबेशन, पायलट सहायता और वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण के अवसर भी मिल सकते हैं। उपयोगी समाधानों को सरकारी संस्थाओं, स्थानीय निकायों और उद्योगों तक पहुंचाने में भी सहायता दी जा सकती है।
कौन-कौन विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं?
प्रतियोगिता में तीन स्तर निर्धारित किए गए हैं।
1. जूनियर स्तर: कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी अपने आसपास की समस्या पहचानकर उसका उपयोगी समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं। इस स्तर पर प्रोटोटाइप बनाना प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन हर मामले में अनिवार्य नहीं है।
2. टेक्निकल स्तर: ITI और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थी तकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन या प्रक्रिया में सुधार से जुड़े आइडिया पेश कर सकते हैं। प्रोडक्ट एवं टेक्नोलॉजी ट्रैक में काम करने वाला प्रोटोटाइप अपेक्षित है।
3. ओपन स्तर: कॉलेज और विश्वविद्यालय के स्नातक, स्नातकोत्तर तथा रिसर्च स्कॉलर इस श्रेणी में भाग ले सकते हैं। उनसे ऐसे प्रोजेक्ट या पायलट की अपेक्षा की जाती है, जिन्हें वास्तविक परिस्थितियों में लागू किया जा सके।
प्रतियोगिता के मौजूदा संस्करण में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरलम, तमिलनाडु और तेलंगाना के साथ अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल हैं। राजस्थान के विद्यार्थी आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर क्षेत्रीय पात्रता की पुष्टि करें।
किन विषयों पर आइडिया पेश कर सकते हैं?
प्रतियोगिता में पांच प्रमुख थीम रखी गई हैं। विद्यार्थी इनमें से किसी एक क्षेत्र में समस्या का समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं।
| थीम | संभावित आइडिया |
|---|---|
| स्वच्छ और टिकाऊ भारत | कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और ऊर्जा बचत |
| समृद्ध किसान, समृद्ध भारत | कृषि तकनीक और किसानों की समस्याओं के समाधान |
| स्वस्थ और समावेशी भारत | स्वास्थ्य सेवाएं और दिव्यांगजनों की सहायता |
| शिक्षित और कौशलयुक्त भारत | शिक्षा, कौशल विकास और खेल |
| सुरक्षित भारत | परिवहन, सुरक्षा और डिजिटल सार्वजनिक सेवाएं |
आइडिया दो ट्रैक में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। पहले ट्रैक में डिवाइस, सॉफ्टवेयर, प्रोटोटाइप या इंजीनियरिंग समाधान शामिल हैं। दूसरे ट्रैक में सेवा वितरण, बिजनेस मॉडल, प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने वाले विचार रखे जा सकते हैं।
Seva First Innovation Challenge 2026 में आवेदन कैसे करें?
आवेदन के लिए सबसे पहले प्रतियोगिता की आधिकारिक वेबसाइट यहाँ क्लिक करें खोलें और पात्रता तथा दिशा-निर्देश पढ़ें।
इसके बाद अपने स्कूल, ITI, पॉलिटेक्निक, कॉलेज या विश्वविद्यालय के प्राचार्य, विभागाध्यक्ष अथवा इनोवेशन सेल से संपर्क करें। संस्थान को एक नामित समन्वयक नियुक्त करना होगा, जो संस्थान का पंजीकरण करेगा और विद्यार्थियों की प्रविष्टियां जमा करेगा। विद्यार्थी सीधे स्वतंत्र रूप से पंजीकरण नहीं कर सकते।
अपना आइडिया तैयार करते समय समस्या, प्रस्तावित समाधान, उससे लाभ पाने वाले लोगों, अनुमानित लागत और वास्तविक उपयोग की जानकारी स्पष्ट रखें। यदि प्रोटोटाइप या पायलट की आवश्यकता है, तो उसे संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार करें। संस्थान का समन्वयक निर्धारित पोर्टल पर प्रविष्टि जमा करेगा।
आवेदन की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर 2026 है। आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरण जांच लें और संस्थान से पुष्टि कर लें कि आपकी प्रविष्टि सफलतापूर्वक जमा हो गई है।
Important Links
| महत्वपूर्ण जानकारी | लिंक |
|---|---|
| आधिकारिक वेबसाइट | यहाँ क्लिक करें |
| आवेदन प्रक्रिया और पात्रता | यहाँ क्लिक करें |
| प्रतियोगिता की अंतिम तारीख और टाइमलाइन | यहाँ क्लिक करें |
| इनोवेशन ट्रैक और मूल्यांकन | यहाँ क्लिक करें |
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पात्रता, क्षेत्रीय नियम, पुरस्कारों और अंतिम तारीख की पुष्टि अवश्य करें। पुरस्कार और अतिरिक्त सहायता चयन प्रक्रिया तथा प्रतियोगिता के नियमों के अधीन हैं।